अब लखनऊ में बांग्लादेश स घुसपठ कराने वाले गिरोह की तलाश हुई तेज

अब लखनऊ में बांग्लादेश स घुसपठ कराने वाले गिरोह की तलाश हुई तेज

आतंकवाद निरोधक दस्ता को मिली गिरोह के कुछ और सदस्यों की जानकारी

राज्य ब्यूरो, जागरण तखनऊः दिल्ली-हरियाणा के बाद अब उप्र में भी बांग्लादेशियों को खदेड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने प्रदेश में रोहिंग्या व बांग्लादेशियों की घुसपैठ कराने वाले गिरोह की जांच शुरू कर दी है। गिरोह के कुछ सक्रिय सदस्यों की जानकारी जुटाकर घुसपैठियों को चिह्नित कराया जा रहा है। अलीगढ़ से बांग्लादेशी सिराज व उसकी पत्नी हलीमा की गिरफ्तारी के बाद इनके बारे में सुराग मिले थे। एटीएस की एक टीम को बांग्लादेशियों के फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनवाने वालों की छानबीन में लगाया गया है। पासपोर्ट बनवाने में मददगार रहे जालसाजों की तलाश हो रही है।

एटीएस ने बांग्लादेश के फरीदपुर निवासी सिराज व उसकी पत्नी हलीमा को अलीगढ़ से गिरफ्तार किया है। दोनों अलीगढ़ में किराये के मकान में पहचान बदलकर रह रहे थे। एटीएस उन्हें किराये का मकान दिलाने से लेकर फर्जी दस्तावेज बनवाने में मददगार रहे बांग्लादेश के निवासी पप्पू की भी तलाश कर रहा है। एटीएस ने घुसपैठ कराने वाले गिरोह को हो रही विदेशी फंडिंग को लेकर भी जांच तेज की है। कुछ संदिग्ध बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है। इन खातों में खाड़ी देशों से रकम भेजे जाने की

बंगाल से 13 घुसपैठिये धरे गए, पांच दलाल भी दबोचे

राब्यू, जागरण कोलकाता: पुलिस ने बंगाल के कोलकाता, उत्तर 24 परगना व नदिया जिले से 13 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है। इनमें’ दो महिलाएं भी शामिल हैं। घुसपैठ कराने वाले पांच दलाल भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। कई घुसपैठियों ने उनके घर में पनाह ले रखी थी। कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके से गुरुवार देर रात एक बांग्लादेशी घुसपैठिये को गिरफ्तार किया गया। उसकी पहचान मोहम्मद अबीउर रहमान के रूप में हुई। वह बांग्लादेश के नाराइल जिले का रहने वाला है। रहमान बिना वैध दस्तावेज के भारत में दाखिल हुआ था।

जानकारी सामने आई है। एटीएस ने सबसे पहले 11 अक्टूबर, 2023 की बांग्लादेश के मीरपुर निवासी आदिल मोहम्मद असरफी के अलावा बंगाल के निवासी नजीबुल शेख व अबु हुरायरा गाजी को गिरफ्तार किया था। एटीएस की छानबीन में सामने

मुद्दा

क्या अवैध घुसपैठिये देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं?

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कोलकाता आकर उसने फर्जी आधार, पैन कार्ड तैयार करवा लिए। नदिया जिले में धानतला व हांसखाली की पुलिस ने अभियान चलाकर 10 बांग्लादेशी घुसपैठियों व उन्हें है सीमा पार करा लाने वाले पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

आया था कि सिंडीकेट विदेशी फंडिंग से देशविरोधी गतिविधियों को भी बढ़ावा देने का काम कर रहा है। गिरोह के सक्रिय सदस्य नजीबुल व अबु हुरायरा देवबंद (सहारनपुर) में रह रहे थे। दोनों ने बांग्लादेशी की फर्जी दस्तावेजों

अगरतला रेलवे स्टेशन पर चार बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार

अगरतला, एएनआइः त्रिपुरा के अगरतला रेलवे स्टेशन पर चार बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया है। गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए अगरतला जीआरपीएस, आरपीएफ, बीएसएफ ने शुक्रवार सुबह संयुक्त अभियान चलाया और तीन बांग्लादेशी महिलाओं व एक पुरुष समेत छह को गिरफ्तार किया। अन्य दो में एक महिला व पुरुष भारतीय एजेंट हैं। हिरासत में लिए जाने के बाद सभी से पूछताछ की गई। प्रारंभिक पूछताछ में बांग्लादेशियों ने कोलकाता जाने की योजना के बारे में बताया। अगरतला जीआरपी थाने में सभी से कई बार पूछताछ की गई है। अधिकारियों ने कहा कि यह मानव तस्करी का मामला लग रहा है।

के जरिये भारतीय पहचान पत्र बनवाने में मदद की थी। दिल्ली में एनजीओ संचालित करने वाला अबू सालेह मंडल भी गिरोह का सक्रिय सदस्य था। अब तक गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जंगल के रास्ते भारत में आते थे बांग्लादेशी, फिर ट्रेन के एसी कोच से करते थे दिल्ली तक सफर

जंगल के रास्ते भारत में आते थे बांग्लादेशी, फिर ट्रेन के एसी कोच से करते थे दिल्ली तक सफर

 

 

जंगल के रास्ते भारत में आते थे बांग्लादेशी, फिर ट्रेन के एसी कोच से करते थे दिल्ली तक सफर

जागरण संवादादाता, नई दिल्लीः । दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार पांचों बांग्लादेशियों से पूछताछ में पाया कि इन्हें जंगल के रास्ते नदी पार कराकर भारत में प्रवेश कराया गया है। एजेंट ने इन्हें बार्डर के नजदीक एक शहर तक पहुंचाया। बार्डर के नजदीकी शहर तक उन्हें बाइक के जरिये पहुंचाया गया। जहां दिल्ली के लिए एक एक्सप्रेस ट्रेन में बैठाया गया। गौर करने वाली बात यह है कि इन बांग्लादेशियों को ट्रेन के एसी कोच में बैठाकर दिल्ली भेजा जाता था, जिससे के पकडे जाने से बच सकें और आसनी से दिल्ली पहुंच जाएं। इसी दौरान इन्हें फर्जी आधार कार्ड, अस्थायी सिम और कुछ भारतीय मुद्रा मुहैया कराई जाती थी।

जिस फर्जी वेबसाइट के जरिये दिल्ली के रोहिणी में बांग्लादेशियों के फर्जी दस्तावेज बनाए जाते. उसकी जांच करने पर गिरोह से 30 संदिग्धों के जुड़े होने की जानकारी मिली है। जिनसे पूछताछ की आ राही है। दिल्ली पुलिस की एक टीम आगे की जांच के लिए बांग्लादेश भेजी गई है। इसके साथ ही यह भी पता लगाएंगे कि बांग्लादेशी किन रूटों से भारत में प्रवेश करते थे। पुलिस को शक है कि कई

बाग्लादेशियों का फर्जी भारतीय दस्तावेज बनाने वाले गिरोह के पर्दाफाश के साथ दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आरोपित बेट बांगलादेशी इस गिरोह से पहले आनलाइन आइडी बनवाकर भारत में दाखिल हो चुके हैं।

पुलिस की ओर से गिरफ्तार बांग्लादेशी महिलाएं ब्यूटी पार्लर और दुकान चलाती थीं। सेंटू शेख के आवास से बांग्लादेशी नागरिकों के चार मतदाता पहचान पत्र बरामद किए गए। उन चारों का पता लगाने के प्रयास किए गए और ऐसी ही एक महिला को बरेली से खोजा गया। जांच से पता चला कि उसका वोटर आइडी सेंटू शेख के पते पर आधार का उपयोग करके जारी किया गया था। उसने स्वीकार किया कि सेंटू ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके

उसके आधार और मतदाता कार्ड बनाने में मदद की। पूछताछ करने पर उसे अपनी बांग्लादेशी पहचान पेश करने के लिए कहा गया। बाका सिटी कारोपोरशन द्वारा जारी उसका बांग्लादेशी जन्म प्रमाणपत्र फोन से प्राप्त किया गया था। उसके माता- पिता के बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र भी बरामद किए गए।

आरोपितों से की गई बरामदगी छह लैपटाप, छह मोबाइल फोन, आधार कार्ड मशीन, रिकार्ड रजिस्टर और विभिन्न दस्तावेज, 25 आधार कार्ड, चार मतदाता पहचान पत्र और आठ पैन कार्ड सभी बांग्लादेशी नागरिकों के होने का संदेह है।

दिल्ली में पकड़ा गया इमिग्रेशन रैकेट, बांग्लादेशियों को बना रहा था भारतीय |

दिल्ली में पकड़ा गया इमिग्रेशन रैकेट, बांग्लादेशियों को बना रहा था भारतीय |

दिल्ली में पकड़ा गया इमिग्रेशन रैकेट, बांग्लादेशियों को बना रहा था भारतीय

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में बांग्लादेशियों की पहचान के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के बीच इमिग्रेशन रैकेट का पर्दाफाश हुआ है जो फर्जी दस्तावेज के सहारे इन्हें भारतीय पहचान उपलब्ध कराता था। 20 अक्टूबर को हुई हत्या के एक मामले की जांच के दौरान यह रैकेट पकड़ा गया। दिल्ली में फरवरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले बड़ी संख्या में घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने की आशंका जाहिर की जा रही है जो इस रैकेट के पकड़े जाने के बाद पुष्ट होती दिख रही है। गिरोह पहले बांग्लादेशियों के फर्जी कागजात तैयार कराता था और फिर उनके जरिये इनका असली आधार, पैन और वोटर कार्ड बनाया जाता था। इसके बदले में गिरोह प्रत्येक घुसपैठिये से आठ से 10 हजार रुपये वसूलता था। पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से सात भारतीय और पांच बांग्लादेशी हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार लोगों में एक आरोपित अफरोज रोहिणी सेक्टर-5 स्थित कर्नाटक बैंक में आपरेटर है और वहां आधार बनाने का ही काम करता था। घुसपैठियों के नेटवर्क की तलाश में पुलिस की एक टीम बांग्लादेश भेजी गई है।

भारतीय आरोपितों में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले, आधार आपरेटर, वेबसाइट डेवलपर और एजेंट शामिल हैं। इनसे पूछताछ के पता चला कि बांग्लादेशियों के भाधार कार्ड 18 साल से कम प्र दिखाकर बनवाए जाते थे योंकि इन्हें दिल्ली के कई केंद्रों

दक्षिणी जिला पुलिस द्वारा आरोपितों से बरामद मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल फोन, लैपटाप और अन्य दस्तावेज सौजन्य: दिल्ली पुलिस

मुंबई में अवैध रूप से रह रहे 10 बांग्लादेशी गिरफ्तार, अगरतला में दो महिलाएं हिरासत में

मुंबईः नवी मुंबई पुलिस ने बिना किसी दस्तावेज के अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में 10 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनमें आठ महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। एक अधिकारी ने बताया पर बनवाना आसान था। 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के आधार कार्ड बनाने के लिए दिल्ली में केवल चार केंद्र हैं। इन आरोपितों ने 2023 में ‘जनताप्रिंट्स. साइट’ नाम से फर्जी वेबसाइट भी बनाई थी। जो पांच बांग्लादेशी पकड़े गए है, उन्होंने फर्जी दस्तावेज बनवाए थे। इनमें दो दंपती और एक महिला है। दोनों दंपती पर संगम विहार में एक बांग्लादेशी नागरिक से लूटपाट हत्या का भी आरोप है। पुलिस सभी को रिमांड पर लिया है। व ने

दक्षिण जिले के डीसीपी अंकित चौहान ने बताया कि 20 अक्टूबर की रात 12 बजे संगम विहार से एक महिला ने अपने पति सेंटू शेख उर्फ राजा के घर में बेहोश पड़े होने

कि यह कार्रवाई अपराध शाखा की मानव तस्करी विरोधी इकाई द्वारा वाशी और खारघर इलाकों में की गई छापेमारी के बाद की गई। जांच से पता चला है कि बांग्लादेशी पुरुष आमतौर पर श्रमिक, जबकि महिलाएं घरेलू की सूचना दी थी। पुलिस को सेंटू मृत मिला। इसकी जांच में आठ टीमें लगाई गई। इसमें पता चला कि सेंदू शेख और उसकी पत्नी बांग्लादेशी हैं। सेंटू की हत्या चार बांग्लादेशियों मिदुल मियां उर्फ आकाश अहमद व उसकी पत्नी, फरदीन अहमद उर्फ अभी अहमद व उसकी पत्नी ने की है। चारों को गिरफ्तार किया गया तो उन्होंने बताया कि सेंटू शेख उन्हीं किसी न किसी बहाने धमकाता था, इसलिए उसकी हत्या कर नकदी व सामान लूट लिया था। पुलिस ने लूट का सामान बरामद कर लिया है।

पुलिस के अनुसार दोनों दंपती डेढ़ वर्ष पहले अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे और फर्जी तरीके

* फर्जीवाड़ा करने के लिए आठ से 10 हजार रुपये वसूलते थे • पकड़े गए आरोपितों में सात भारतीय व पांच बांग्लादेशी

* कर्नाटक बैंक में कार्यरत एक आपरेटर भी पकड़ा गया

* नोएडा के साइबर कैफे मालिक ने बनाई थी फर्जी वेबसाइट, यूट्यूब से सीखा था घुसपैठियों के बारे में जानकारी जुटाने एक टीम बांग्लादेश गई सहायिका का काम कर रही थीं। उधर, त्रिपुरा के अगरतला रेलवे स्टेशन पर दो बांग्लादेशी महिलाओं को हिरासत में लिया गया है। उनकी शिनाख्त निलुफा बेगम और जियास्मिन के रूप में हुई है। से भारतीय आइडी हासिल कर एक साल से संगम विहार में रह रहे थे। इन्होंने पुलिस के सामने अपने बांग्लादेशी पहचान पत्र (चिप-आधारित एनआइडी कार्ड) व जन्म प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए। ये चारों बांग्लादेश में ढाका के रहने वाले हैं। पुलिस ने सेंटू शेख के घर की तलाशी ली, जहां से 21 आधार कार्ड, चार मतदाता पहचान पत्र और आठ पैन कार्ड मिले। उसकी पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। छह दिसंबर को संगम विहार थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआइआर दर्ज की।

Reference : दैनिक जागरण 26/08/2024

More News Sources : https://zeenews.india.com/hindi/india/gang-illegally-helped-bangladeshis-to-make-india-home-with-forged-id-fake-website-and-immigration-racket/2574421

https://www.indiatoday.in/india/video/delhi-police-busts-illegal-immigration-racket-5-bangladeshi-citizens-arrested-2654582-2024-12-24

https://www.aajtak.in/india/delhi/video/delhi-police-busts-bangladeshi-infiltration-racket-arrests-11-including-fake-document-makers-watch-video-frvd-2128446-2024-12-24